Thar adventure
स्वर्ण नगरी जैसलमेर में दूर-दूर तक फैले रेत के धोरों के बीच वक्त बिताना देशी-विदेशी पर्यटकों को खूब भाता है। अपनी ठेठ देशी संस्कृति, खानपान और मेहमानवाजी के लिए प्रसिद्ध जैसलमेर के थार मरुस्थल (विशेषकर सम गाँव) में अनेक रोमांचक गतिविधियों का भी अनुभव लिया जा सकता है। Yatrafiber के आज के ब्लॉग में मैं जैसलमेर की रेतीली धरती पर होने वाली रोमांचक गतिविधियों तथा उनसे जुड़े अपने अनुभवों के बारे में बताना चाहूँगी।
(1) पैरासेलिंग - यह एक बहुत ही मजेदार गतिविधि है। इसमें एक विशेष प्रकार के पैराशूट को जीप के पीछे बाँधकर जीप को रेत के धोरों पर दौड़ाया जाता है। पैराशूट को पैरासेल कहा जाता है, इसी कारण इस गतिविधि को पैरासेलिंग के नाम से जाना जाता है। पैराशूट से जुड़े बेल्ट से व्यक्ति को मजबूती से बाँध दिया जाता है। एक बार में एक या दो व्यक्ति ही पैरासेलिंग कर सकते हैं। पैराशूट का नियंत्रण पूर्णतया जीपचालक के हाथ में होता है। पैरासेलिंग करने वाला व्यक्ति इस पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं कर सकता है। रेतीले धोरों पर दौड़ती हुई जीप के पीछे बाँधे हुए पैराशूट के साथ धीरे-धीरे धरती से ऊपर उठते हुए अलग ही रोमांच महसूस होता है। नीचे दूर-दूर तक फैला रेत का समंदर और ऊपर खुले आसमान में तैरते हम, ऊँचाइयों पर इन पलों को जीते हुए तन ही नहीं, मन भी बिल्कुल हल्का महसूस होता है। पैरासेलिंग के लिए साधारणतया 1500-2000 रुपये/व्यक्ति चुकाने होते हैं।
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(2) पैरामोटरिंग- यह जैसलमेर की यात्रा के दौरान की जा सकने वाली एक साहसी व रोमांचक गतिविधि है। इसमें पैराशूट के साथ एक ट्राइसाइकिल जैसी सरंचना जुड़ी होती है, जिसमें दो सीट होती हैं। पीछे वाली सीट इसको नियंत्रित करने वाले दक्ष प्रशिक्षक की होती है तथा आगे वाली सीट पर बैठकर आप पैरामोटरिंग का आनंद ले सकते हैं। दक्ष प्रशिक्षक की सीट के पीछे एक पैरामोटर लगी होती है , जिसकी सहायता से अच्छी व ऊँची (500-1000 फीट) उड़ान भरी जा सकती है। इंजन चालू करने के बाद टायरों की सहायता से दौड़ते हुए पैराशूट के ऊपर हवा में उठने के साथ हो शुरू होता है 10-15 मिनट का एक शानदार रोमांचक सफर। ऊपर उड़ते हुए सूरज की किरणों से चमकती हुई दूर-दूर तक फैली रेत ऐसी लगती है मानो प्रकृति ने धरती पर सोने की चादर बिछा दी हो। सामान्यतः पैरामोटरिंग के लिए 3000-4000 रुपये/व्यक्ति चुकाने होते हैं।
(3) ATV राइड्स - ATV का पूरा नाम है - ऑल टेरेन व्हीकल यानी कि सभी भूभागों पर चल सकने वाला वाहन। इसे क्वाड बाइक भी कहा जाता है और यह कैसे भी उबड़-खाबड़ पहाड़ी, चट्टानी, रेतीले या कीचड़ युक्त रास्तों पर भी आसानी से चलाई जा सकती है। इसमें बाइक की तरह हैंडल होता है तथा चालक की सीट के पीछे एक या दो लोग बैठ सकते हैं। साधारणतया इसमें चार पहिए होते हैं। जैसलमेर की यात्रा के दौरान क्वाड बाइक की मजेदार गतिविधि का आनंद लिया जा सकता है। रेत के ऊँचे-नीचे टीलों पर तेजी से दौड़ती हुई क्वाड बाइक पर बैठकर ऐसा लगता है मानो हवा की सवारी कर रहे हों। टीलों की ढलान पर स्पीड से घूमती हुई क्वाड बाइक पर बैठकर साहस और रोमांच की लहर का एहसास सिर से पैर तक पूरे शरीर में होता है। एटीवी राइड के लिए लगने वाला शुल्क गतिविधि के दौरान लिए जाने वाले समय पर निर्भर करता है। सामान्यतः 10-15 मिनट की राइड के लिए 1000-1200 रूपये चुकाने पड़ते हैं।
(4) जीप सफारी - रेत के धोरों पर सफर करने के लिए जीप एक बहुत अच्छा साधन है और जब जीप की सवारी को साहस व रोमांच से जोड़ दिया जाता है तो बन जाती है जीप सफारी। उबड़-खाबड़ टीलों पर हिचकोले खाती जीप जब तेजी से दौड़ती है तो रोमांच चरम पर होता है। ऊँचे से टीबे से नीचे उतरते समय इसी रोमांच में थोड़ा सा भय का तड़का भी लग जाता है। जीप सफारी करते हुए बॉर्डर मूवी के शूटिंग पॉइंट्स को भी देखा जा सकता है। खुली जीप में खड़े होकर हूटिंग करते हुए थार मरुस्थल में सफारी करना मेरे लिए जैसलमेर यात्रा के यादगार पलों में से एक है। जीप सफारी का शुल्क तय की जाने वाली दूरी के अनुसार अलग-अलग होता है।
(5) कैमल सफारी तथा कैमल कार्ट (ऊँटगाड़ी) सफारी - जैसलमेर यात्रा के दौरान रेगिस्तान के जहाज ‘ऊँट’ की सवारी करना तो बनता ही है। सजे-धजे ऊँट पर बैठकर रेतीली धरती की सैर करना हर किसी को लुभाता है। ऊँट की सवारी करते हुए टीलों पर चढ़ना-उतरना किसी हिंडोले(झूले) में बैठने से भी ज्यादा मजेदार अनुभव है। क्योंकि झूला तो फिर भी एक जगह स्थिर होता है, परंतु ऊँट की सवारी करते समय झूले के आनंद के साथ-साथ स्वर्णिम अभायुक्त रेगिस्तान के खूबसूरत नजारे भी देखने को मिलते हैं। सम के धोरों में कैमल सफारी करते हुए राज्यवृक्ष खेजड़ी तथा कुछ अन्य रेगिस्तानी वृक्षों के अलावा बस छोटी-बड़ी शुष्क जलवायु वाली झाड़ियों के झुरमुट ही दिखाई देते हैं और दिखाई देता है छोटे-बड़े रेत के टीलों वाला विशाल थार मरुस्थल, जो कि राजस्थान की शान है। सफारी करते समय जैसे ही ऊँट थोड़ी सी गति बढ़ाकर तेजी से किसी टीले से नीचे उतरता है वैसे ही मन थोड़ा डरता तो है कि कहीं नीचे गिर ना जाएँ, लेकिन मजा भी बहुत आता है।
यदि किसी व्यक्ति को ऊँट की सवारी करने में डर लगता है या धोरों वाली धरती की सैर पूरे परिवार या दोस्तों को एक साथ करनी है तो ऊँटगाड़ी इसका अच्छा विकल्प है। ऊँट के साथ लकड़ी से बनी दो या चार पहियों वाली गाड़ी जुड़ी होती है, जिसे वे लोग हमेशा सजा-धजा के रखते हैं। ऊँटगाड़ी में 4-5 लोग आसानी से बैठ सकते हैं। ऊँटगाड़ी से गिरने का भी भय नहीं होता तो छोटे बच्चों के साथ भी सफारी का अनुभव लिया जा सकता है। दूरी के अनुसार कैमल सफारी और कैमल कार्ट सफारी का शुल्क अलग-अलग होता होता है।
( उपर्युक्त सभी गतिविधियों का शुल्क पर्यटन के सीज़न पर निर्भर करता है। नवंबर से फरवरी तक का मौसम जैसलमेर की यात्रा के लिए सर्वोत्तम है। इसमें भी नववर्ष तथा शीतकालीन अवकाश के समय पर्यटकों की संख्या सर्वाधिक होती है तो किसी भी मनोरंजक गतिविधि के लिए सामान्य दिनों से अधिक शुल्क देना पड़ सकता है।)
जिन्दगी के सुहाने अनुभव का आनंद आपके वर्णन से मिल रहा हैं ।
जवाब देंहटाएंऐसे ही वर्णन करते रहे 🙏🩵
प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद 🙏🏻
हटाएंअति उत्तम, अति सुंदर
जवाब देंहटाएंदीदी 🤗
धन्यवाद भाई 🙏🏻
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