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रविवार, 21 दिसंबर 2025

ये कोई डिश नहीं उदयपुर की पहाड़ियाँ हैं : रायता हिल्स

ये कोई डिश नहीं उदयपुर की पहाड़ियाँ हैं : रायता हिल्स


 हैलो दोस्तों,

देशी-विदेशी पर्यटकों का पसंदीदा स्थल तथा राजस्थान के सबसे खूबसूरत शहरों में शुमार उदयपुर को सामान्यतः इसकी झीलों के लिए जाना जाता है। परंतु झीलों के साथ-साथ यहाँ की सुंदर पहाड़ियाँ भी पर्यटकों को लुभाती हैं। Yatrafiber के आज के ब्लॉग में हम ‘रायता हिल्स’ के बारे में जानेंगे।

‘रायता हिल्स’ नाम सुनकर तो प्रसिद्ध खाद्य व्यंजन ‘रायता’ ही याद आता है। लेकिन यह कोई खाद्य व्यंजन नहीं अपितु उदयपुर में स्थित सुरम्य पहाड़ियाँ हैं। उदयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन उदयपुर रोडवेज बस स्टैंड, उदयपोल दोनों से ही रायता हिल्स की दूरी लगभग 16-17 किलोमीटर है। नजदीकी हवाई मार्ग की बात करें तो महाराणा प्रताप हवाईअड्डा, डबोक से इनकी दूरी 35 किलोमीटर है। तीनों ही जगह से रायता हिल्स के लिए आसानी से वाहन मिल जाते हैं।

मुख्य उदयपुर शहर से दूर गिरवा तहसील के एक छोटे से ग्रामीण अंचल में स्थित रायता हिल्स कुदरती खूबसूरती से परिपूर्ण हैं। हरे-भरे वृक्षों तथा घास से ढकी ये पहाड़ियाँ ‘नेचर रिजर्व एरिया’ में भी शामिल हैं।

उदयपुर घूमने के लिए मानसून के मौसम को बेहतरीन माना जाता है, परंतु रायता हिल्स का वातावरण वर्ष के अधिकांश समय सुहावना ही रहता है। तभी शहर की भीड़भाड़ से दूर स्थित ये पहाड़ियाँ हमेशा लोगों से गुलजार रहती हैं।

शहर से दूर रायता हिल्स की ओर जाने वाले घुमावदार रास्ते पर चारों ओर फैली हरियाली के बीच सफर करना ही अपने आप में आनंददायक है। मानसून के मौसम में तो यहाँ का माहौल और भी खुशनुमा हो जाता है। पहाड़ियों के बीच बिखरे बादलों से बरसती बूँदों वाला नजारा किसी हिल स्टेशन से कम नहीं होता। बारिश के बाद तो मानो सभी ओर हरियाली की चादर सी बिछ जाती है। ऐसे में यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो जाती है।

रायता हिल्स से सूर्योदय तथा सूर्यास्त का इतना सुंदर दृश्य दिखाई देता है कि उसे सभी कैमरे में कैद करने के लिए लालायित रहते हैं। वैसे भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के चलते वर्तमान में यह स्थान प्री-वेडिंग व मॉडलिंग फोटोशूट करवाने वाले लोगों का पसंदीदा स्थल बना हुआ है। साथ ही मीडिया कंटेंट जैसे रील्स आदि बनाने वाले लोगों की भीड़ भी यहाँ हर समय लगी रहती है।

हरियाली की चूनर ओढ़े पहाड़ियों के पर कुदरती नजारों के बीच बैठकर बतियाते हुए कब सुबह से शाम हो जाती है, पता ही नहीं चलता। यहाँ आस-पास ज्यादा कुछ नहीं मिलता। बस कुछ छोटी-मोटी चाय-मैगी, बिस्किट की स्टॉल ही उपलब्ध हैं। वैसे मानसून के भीगे मौसम में यहाँ पहाड़ों वाली मैगी की अनुभूति ली जा सकती है।

उदयपुर या इसके आस-पास के निवासियों के लिए परिवार तथा दोस्तों के साथ शांति से सुकून भरे पल बिताने के लिए तो यह एक उपयुक्त स्थान है ही, बल्कि उदयपुर घूमने आने वाले पर्यटकों को भी अगर शुद्ध प्राकृतिक वातावरण की तलाश है तो यहाँ आकर समय बिताना बिल्कुल भी व्यर्थ नहीं जाएगा।

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